भूली-बिसरी विरासत में नई जान: हरि चंदना आईएएस की दृष्टि

हैदराबाद (तेलंगाना), फरवरी 09: हैदराबाद के ऐतिहासिक उस्मानिया विश्वविद्यालय परिसर में स्थित अतीत की एक भूली हुई धरोहर — मह लका बाई बावड़ी — आज दशकों की उपेक्षा के बाद पुनर्जीवित होकर फिर से अपने वैभव में खड़ी है। कभी मलबे से भरी और समय की धूल में खोई यह 18वीं सदी की संरचना अब सावधानीपूर्वक संरक्षण और पारिस्थितिक पुनर्जीवन के माध्यम से एक जीवंत विरासत स्थल में बदल चुकी है। इस पुनरुत्थान के केंद्र में हैं हरि चंदना आईएएस, जिनकी प्रशासनिक सोच निरंतर स्थिरता, संस्कृति और सामुदायिक सहभागिता को जोड़ती रही है। यह बावड़ी का पुनर्जीवन कोई एकल उपलब्धि नहीं, बल्कि तेलंगाना भर में विरासत संरक्षण की उस निरंतर परंपरा का हिस्सा है, जिसे उन्होंने नेतृत्व प्रदान किया है।…

भगवान विश्वकर्मा जयंती पर श्री बजरंग सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष हितेश विश्वकर्मा जी ने दी शुभकामनाएं

नई दिल्ली, 31 जनवरी: भगवान विश्वकर्मा जयंती के पावन अवसर पर श्री बजरंग सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री हितेश विश्वकर्मा…

डेमोक्रेटिक संघ की चेंज मेकर्स लिस्ट 2025 में शामिल हुईं आईएएस हरि चंदना

हैदराबाद (तेलंगाना), जनवरी 29: लोकतांत्रिक मूल्यों को मज़बूती देने और नागरिकों की भागीदारी को सशक्त बनाने के लिए कार्यरत सामाजिक…