श्री हनुमच्छिव दुर्गा प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव भव्य एवं ऐतिहासिक रूप से सम्पन्न

पश्चिमी चंपारण (बिहार), फरवरी 18: ग्राम तरकुलवा, पोस्ट बेलवा मोड़, प्रखंड बगहा, जिला पश्चिमी चंपारण (बिहार) में श्री सीताराम हनुमत् सेवा ट्रस्ट…

इतिहास से भविष्य तक: हरि चंदना आईएएस की विरासत संरक्षण यात्रा

हैदराबाद (तेलंगाना), फरवरी 17: उस्मानिया विश्वविद्यालय प्रशासन और हैदराबाद मेट्रोपोलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (HMDA) के सहयोग से, परिसर में स्थित अतीत…

प्रशांत मिश्रा: उद्योग नेतृत्व से शिव साधना की ओर — अनेक सफल उपक्रमों की प्रेरक यात्रा

नई दिल्ली, फरवरी 11: हर सफल उद्योगपति के पास उपलब्धियों की सूची होती है, लेकिन कुछ लोग ऐसे होते हैं जिनकी…

भूली-बिसरी विरासत में नई जान: हरि चंदना आईएएस की दृष्टि

हैदराबाद (तेलंगाना), फरवरी 09: हैदराबाद के ऐतिहासिक उस्मानिया विश्वविद्यालय परिसर में स्थित अतीत की एक भूली हुई धरोहर — मह लका बाई बावड़ी — आज दशकों की उपेक्षा के बाद पुनर्जीवित होकर फिर से अपने वैभव में खड़ी है। कभी मलबे से भरी और समय की धूल में खोई यह 18वीं सदी की संरचना अब सावधानीपूर्वक संरक्षण और पारिस्थितिक पुनर्जीवन के माध्यम से एक जीवंत विरासत स्थल में बदल चुकी है। इस पुनरुत्थान के केंद्र में हैं हरि चंदना आईएएस, जिनकी प्रशासनिक सोच निरंतर स्थिरता, संस्कृति और सामुदायिक सहभागिता को जोड़ती रही है। यह बावड़ी का पुनर्जीवन कोई एकल उपलब्धि नहीं, बल्कि तेलंगाना भर में विरासत संरक्षण की उस निरंतर परंपरा का हिस्सा है, जिसे उन्होंने नेतृत्व प्रदान किया है।…